कहाँ हे गूगल का दिल ????

 गूगल का दिल  यानि उसका डेटा सेन्टर्स

 कहावत हें की जो गूगल  आपको ढूंढ़ न शके तो समजना की  आपका इस दुनिया में अस्तित्व नहीं हें, कारण की आज पिन टु  प्लेन नहीं परंतु पीझा शोपसे  लेकर न्यूक्लियर बोम्ब  तक की जानकारी के लिए ‘गूगल देव' की मदत  लिए बिना  संभव नहीं हें. जब  पूरी दुनिया गूगल पर आधारित हो गई हें  ऐसे में  गूगलको जो जिन्दा रखता हें, ऐसा डेटा सेन्टर्सको भी भूल जाये ये लाजिमी नहीं हें.

ईन्टरनेटके  युगमें किस प्रकार से प्रेग्नेंट हो उसकी जानकारी भी गूगल उपर सर्च की जाती हें. आप सायद मानेंगे नहीं पर इस प्रकार की जानकारी पाने के लिए लोग सबसे ज्यादा समय बिताते हें. जमीन को खोद के और  आसमान को फाडके ढूंढ निकालूंगा जैसे  फिल्मी डायलोग की तरह  सभी जानकारी ढूंढ़ कर सच साबित करता  गूगल सर्च एन्जिनकी  मुलाकात लेने आजका एक भी ईन्टरनेट युझर मना नहीं कर सकता हें.  छोटी डायरेक्टरी वेबसाईटसे  चालु हुई यह वेबसाईट आज महासर्च एन्जिन बनकर उभरी हें. सर्च एन्जिनकी छाप छोड गूगलने इतने प्रोजेक्ट बनाये हें जो मनुष्यकी प्राथमिक जरुरत के लिए उपयोगी हो सकते हें. वेल, उसके बावजूद गूगल नाम आये मतलब हमारे लिए तो कुछ भी सर्च करने का सस्ता और सरल रास्ता ही कहलाय.
Google.com ओपन करते ही  एकदम सीधा और सादा  गूगलका रंगीन लोगोवाला होमपेज खुलता हें. तब मन में सहज ही ख्याल आ जाता हें की कितना सरल पेज बनाया हें और सायद इसके लिए तो गूगलको  बेक एन्डमे  सर्वर, हार्डवेर या अन्य किशी के लिए अधिक खर्च नहीं करना पडता  होगा. अगर आपके मन में इस प्रकार का  ख्याल  आये तो आप बिलकुल गलत सोच रहे हें, कारण की इसके लिए गूगलको होने वाला खर्च और  सेटअप सायद आपकी कल्पना से बहार हें. गूगलके सभी ओनलाईन प्रोजेक्ट  के लिए और खास कर के उसके सर्च एन्जिनको तेज और अपडेट रखने के लिए पूरी दुनिया में सबसे बड़ी जगह में सेट किये गए उसके डाटा सेंटर के लिए भरी भरकम खर्च करता हें. और उसके कारण ही गूगल रहता हें हमेशा फास्ट और अपडेट.
डेटा सेन्टर  एक कम्प्युटर सर्वर्सके काफिले की तरह हें जहाँ सेंकडो सर्वर विशाल होल में सेट किये गए होते हें. जिसमे गूगल के सभी डेटा सेव एव ट्रान्सफर होते हें. गूगलकी वेबसाईट पर आती अविरत विझिट्स को ठीक तरहसे लोड बेलेन्स करके  बीना  रूकावट  चालू  रखने की जवाबदारी  इस सर्वर्सके  शिर होती हें. बस, तो आज बात करते हें गूगलको  लोगो तक पहोंचाने एव उसमे जान डालने वाले डेटा सेन्टर्सकी.
डेटा सेन्टर क्या हें?
सीधी सरल भाषामें बात करे  तो डेटा सेन्टर यानि कम्प्युटर सर्वर्स का अड्डा. जहाँ  सेंकडो कम्प्युटर नहीं परंतु सर्वर्सको एक ही जगह रखा जाता हें. साथ ही उसे सुव्यवस्थित रीत से चलाने के लिए  वातानुकित बनाना पड़ता हें. हज्जारोकी संख्यामें कम्प्युटर २४ x ७ चालु राखने केलिए बिना रूकावट बिजली की जरुरत होती हें. डेटा सेन्टर्समेंसभी सर्वर एकदुसरे के साथ जुड़े हुए होते हें साथ ही अपने अनुसार डेटाको स्टोरेज कर रखते हें और जानकारीका वितरण करनेमे  सरलता और  तीव्रता का ख्याल रखता हें. विशाल कूलिंग टावर्स भी खड़े किये जाते हें. डेटा सेन्टरमें डेटाकी  सुरक्षाको लेकर किसी भी प्रकार की विनाशकारी घटनासे बचने का इंतजाम भी किया जाता हें.
गूगलका डेटा सेन्टर पूर्णतह गोपनीय होते हें. कारण की?
 बहुत ही कम लोगो को खबर होगी की गूगल का डेटा सेन्टर हें. और होता  भी हें तो कहा हें? गूगल मानता हें की उसके डेटा सेन्टरका ओपरेशन एव सेटअप अन्य स्पर्धको के लिए फायदाकारक बन सकता हें. कारण की वेबसाईटकी स्पीड और डेटा डिलिवरी आपके सर्वरके  सेटअप और ओपरेशन उपर ही निर्धारित रहती हें . कंपनी मानती हें की सर्वरका निज उपयोग और उसके छमता की जानकारी स्पर्धको के लिए फायदाकारक हो सकती हें. गुप्तता रखने के लिए गूगल अपने डेटा सेन्टर्सके प्रोजेक्ट के लिए खास करके Limited Liability Corporations (LLCs) परमिशन रखता हें जो गूगलके नामका उल्लेख न कर Lapis LLC (उत्तर केरोलिना) अथवा Tetra LLC (लोवा) के प्रकार से प्रशिद्ध होते हें.
कितने सर्वर्स से चलती हें  गूगलकी गाडी? 
वैसे तो कोई भी पूर्ण रूप से नहीं जनता की गूगल के पास  कितने सर्वर्स हें. परंतु गुप्त जानकारी अनुसार पुरे विश्व में  १५ से अधिक विशाल डेटा सेन्टर्स बनाकर १०,००,००० से भी अधिक सर्वरकी  फोज गूगल ने संपूर्ण विश्वमें फेला दिए हें. जिसमे सभी शहेरो के अनुसार सर्वर्स का फेलाव किया जाता हें. जिसमे सबसे अधिक कार्यरत डेटा सेन्टर अमेरिकाके द डलास शहेरमें कोलम्बिया नदी के  किनारे का ‘प्रोजेक्ट ०२’ हें.
कहाँ  बसे हें गूगल सर्वर्स के गाँव?
अमेरिकामें १२ भव्य विशाल डेटा सेन्टर्स हें और अन्य युरोप, नीदरलेन्ड, ओस्ट्रेलिया और बेल्जियम जेसे देशोमें हें. अमेरिकामें द डलास, एटलान्टा, र्विजनिया, लिनयोर, नोर्थ केरोलिना, साउथ केरोलिना और र्ज्योजिया जेसे शहेरोमें सबसे बड़े डेटा सेन्टर्स हें. जबकि अन्य शहेरोकी बात करे तो  पेरिस, लंडन, होंगकोंग, बेईजिंग, टोकियो, मोस्को, झ्युरिच (स्वित्झरलेन्ड), फ्रेन्कफर्ट (जर्मनी), र्बिलन (जर्मनी) जैसे शहेरोमें भी सर्वर्सका अड्डा जमा हें.
कितने विशाल होते हें डेटा सेन्टर्स?
जबकि गूगल अपने डेटा सेन्टरकी विशालता कभी भी जाहिर नहीं करता. पर फिर भी मिली जानकारी अनुसार डलाझ स्थित डेटा सेन्टर ६८,६८० घनफिट की ऐसी तिन बिल्डिंग्स खड़ी की हें. जिसमे २०,००० घन. फिट, एडमिनिस्ट्रेशन, १६,००० घन.फिट कर्मचारीओ के कामकाज के लिए और  १८,००० घन फिट कूलिंग टावर्स के लिए बनायीं हें. जबकि लिनयोर और नोर्थ केरोलिनामें बसे शहेरमें क्रमानुसार १,३९,७९७ अने ३,३७,००८ घन फिट का डेटा सेंटर हें. जिस पर गूगलको अंदाजित  ६७ करोडकी लगत लगी थी ऐसा कहा जाता हें.
डेटा सेन्टर्स के लिछे कितना खर्च ?
वर्ष २००७में गूगलके सभी डेटा सेन्टर में सभी प्रोजेक्ट के लिए अंदाजित रु.२७ अबजका खर्च होता था. जिसमे दो बिल्डिंगके निर्माण, ओपरेशन कोस्ट, ईन्फ्रास्ट्रक्चर, फेसिलिटीझ,कम्प्युटर्स वगेरेका  समावेश हें. गूगलके अनुसार वर्ष २००६में डेटा सेन्टर पाछे का खर्च रु.९० अबज जितना हुआ था जबकि वर्ष २००७ में रु.९८ अबजका खर्च गूगल को हुआ था.


यह माहिती आप को कैसी लगी जरुर राय दे

7 comments:

Ramkesh patel ने कहा…

गूगल देव की जय हो |

Shah Nawaz ने कहा…

बहुत ही ज़बरदस्त जानकारी दी आपने.... जय गूगल बाबा की!!! :-)

योगेन्द्र पाल ने कहा…

बहुत काम की जानकारी इसी प्रकार जानकारी लेट रहिये और हमारा ज्ञान बढ़ाते रहिये

Sawai Singh Rajpurohit ने कहा…

वाह्! बढिया जानकारी है...

Patali-The-Village ने कहा…

बहुत ही ज़बरदस्त जानकारी|धन्यवाद|

मनोज कुमार ने कहा…

कमाल की जानकारी दी है आपने।

निर्मला कपिला ने कहा…

ापसे भी काम की जानकारी अब मिलती रहेगी। धन्यवाद शुभकामनायें।

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