गूगल प्लस: कितना प्लस, कितना माईनस

फेसबुक के फेस पर तमाचा मारने गूगल सभी तैयारी के साथ एकबार फीरसे कमर कसके सोशियल नेटर्विंकग वेबसाईट सुरु की है. गूगल + के नामसे सुरु की गयी यह सोशियल नेटवर्क साईट फेसबुकके ६० करोड चाहको को आकर्षित करने में सफल होगा? आवो गणना करे गूगल + कितना प्लस और कितना माईनस हे?

अंतरजाल प्रयोक्ता ने तो गूगल+ नाम सुन ही लिया होगा जबकि कितने ही स्मार्ट उपयोगकर्ताओ ने उसका उपयोग भी शुरू कर दिया है. जो की आमंत्रण मात्र से ही
गूगल प्लस का एकाउन्ट खोल सकते है जिसमे कुछ भाग्यशाळी लोगो को गूगल ने ही आमंत्रण दे दिया था

वेल, गूगल अपने Wave और Buzz जेसे निष्फल प्रोजेक्ट के बाद साथ ही ओरकुट की पिछड़ता के बाद अच्छा एव लंबे अभ्यास के बाद गूगल + को जरी किया है. परंतु गूगल+ पर हाथ अजमाते पहले नजर लूक एन्ड फील के सिवाय सर्विस में फेसबुक से अलग कुछ नया लगने जेसा कुछ भी नहीं है. जिससे सायद फेसबुक के जो रियल फेन हे उसे गूगल+ पर आकर्षित करना लोहे के चने चबाने जैसा साबित होगा . फिर भी रिच लूकमें गूगल+ सो परसेंट फेसबुकको मात देता है यह कह सकते है. 

 विडीयो के लिए युटयुबका विशाल संग्रह, फोटो के लिए पिकासा जैसी सेवा गूगल प्लसमें खूब ही सरलताका अनुभव कराता है वैसे तो फेसबुक और गूगल दोनों ईन्टरनेट जगतकी बड़ी कंपनी है. और दोनों का चाहकवर्ग खूब हीबड़ा है. गूगल+ अभी उसके सुरुआती दोर में है. जिससे फेसबुक छोडकर गूगल+ पर जाने का निर्णय करना जल्दबाजी कहलायेगा. फिर भी आईये फेसबुक और गूगल+ दोनोंकी सर्विस का एक विश्लेषण करते है.
 
फेसबुक और गूगल+ में वैसे तो सभी सर्विस सामान है. जैसे की Photos, Videos, Profile वगेरे परंतु फिर भी कुछ के नामकरण अलग किये गयें है. जिसकी जानकारी नीचे दी गयी है. तो आहिये उसका विश्लेषण और परिणाम जान है.

गूगल+ और फेसबुक की सर्विस की समानता
GOOGLE +
FACEBOOK
Circles Result : 10/10 Friends list Result : 8/10
  • गूगल Circles फ्रेन्ड्झ ग्रुपको मेनेज करने की सर्विस है जिसे फेसबुक की तरह ही अलग अलग नाम से बना सकते है जिसे उस सर्कल में आप अपने मित्रोको एड कर शकते है.
  • ड्रेग एन्ड ड्रोप फेसिलीटी ग्रुप मेनेज करनेमे एकदम सरलता रहती है.
  • आप Circle सिलेक्ट करके उस सर्कल तक ही जानकारी शेयर कर सकते है.
  • सर्कलमें से फ्रेन्डको व्यक्तिगत अलग नहीं कर शकते है साथ ही उसकी साथ व्यक्तिगत माहिती शेयर नहीं हो शकती है.
  • फेसबुकमें आप फ्रेन्ड्झको ग्रुप अनुसार उसकी अलग अलग लिस्ट बना शकते है. जेसे की ओफिस, फ्रेन्ड्झ, बेस्ट फ्रेन्डझ, फेमीली वगेरे.
  • गूगल+ की समानता में फ्रेंडलिस्ट मेनेज करना कम युझर फ्रेन्डली है .
  • यहाँ भी आप फ्रेन्ड् लिस्ट सिलेक्ट करके उस तक ही जानकारी शेयर कर सकते है.
  • जब की फेसबुकमें व्यक्तिगत माहिती भी शेयर कर सकते है.
Stream Result : 8/10 News Feeds Result : 8/10
गूगलनुंस्ट्रीमयानि की फेसबुकका न्यूझ फीड्झजहाँ आप अपने फ्रेन्ड्झकी सभी अपडेट्स, फोटो, विडीयो वगेरे शेयर की गयी जानकारी देख सकते है. फेसबुककी तरह ही यहाँ भी अपडेट्स पर कोमेनट, शेयर कर शकते है. फेसबुकमें Like है उसी प्रकार प्लसमें (+1) बटन है . फेसबुकमें भी उपरोक्त सभी सर्विस हाजीर है. सिर्फ गूगल + की तरह मोबाईलसे ईन्स्टन्ट फोटो फेसबुककी वोल पर पोस्ट नहीं कर शकते. जिससे गूगल + फेसबुकसे थोडा यहाँ + दीखता है. फिर भी गूगल प्लसमें फेसबुककी तरह वोल पर Ask Question और Poll जेसी पोप्युलर सर्विस हाजीर नही है.
Hangout Result : 10/10 Video Chat Result : 6/10
  • गूगल प्लसका सबसे अच्छा और अलग फीचर है Hangout जिसमे १० फ्रेन्ड्झ तक आप ग्रुप विडीयो चेटिंग कर शकते है.
  • चेटिंग प्राईवेट और पब्लिक दोनों तरह से कर शकते है साथ ही युटयुबके विडीयो देख कर शेयर भी कर शकते है . साथ ही, आप चेटिंग के समय किशी को भी उसमे से आउट नही कर शकते है.
  • हेन्गआउटग्रुप चेटिंग के लिए है परन्तु गूगल प्लसमें व्यक्तिगत विडीयो चेट के लिए ‘Gtalk’ भी हाजीर है , जिससे यहाँ भी डबल सेवा देकर गूगल +प्लसमें है .
  • फेसबुक में ग्रुप विडीयो चेट अभी हाजीर नही है. पर स्कायपे के साथ मिलकर विडीयो चेटिंग सुरु होने से ग्रुप विडीयो चेट लाना फेसबुक के लिए अधूरा नहीं रहेगा.
  • फेसबुक में चेटिंग के साथ विडीयो शेरिंग शक्य नही है.
Huddles Result : 9/10 Facebook Chat for mobile Result : 8/10
गूगल प्लसकी यह सेवा खूब ही युझर फ्रेन्डली होने के साथ साथ मोबाईलममें (Android & iPhone) ग्रुप चेटिंग कर शकते है. फेसबुक चेटिंग के लिए मोबाईलकी कोई अलगसे एप्लिकेशन नही है. परंतु थर्ड पार्टी चेट एप्लिकेशन के द्वारा मोबाईलमें चेटिंग शक्य है.
Gtalk Result : 10/10 Facebook Chat Result : 10/10
गूगल व्यक्तिगत चेटिंग के लिए Gtalk का ईन्टीग्रेशन कर दिया है. जिससे व्यक्तिगत के साथ साथ ग्रुप चेट भी कर शकते है. फेसबुकमें सबसे अधिक उपयोगी होता कोई फीचर होतो वह है चेटिंग. जो की हालममें ही ग्रुप चेटिंगकी सेवा भी उसमे जोड़ी गयी है.
Google+ Location Result : 9/10 Facebook Place Result : 9/10
यहाँ आप शीधे ही अपनी Stream स्क्रीन पर से अपनी लोकेशन एड कर शकते है. आपकी Android एप्लिकेशन द्वारा आप चेक-ईन और अपडेट किये लोकेशन की नजीक के विस्तारके फ्रेन्ड्झकी अपडेट्स और अन्य जानकारी प्राप्त कर सकते है. फेसबुकमें सीधे Wall स्क्रीन पर लोकेशन एड नहीं कर सकते है. Facebook for mobile द्वारा आप चेक-ईन साथ ही अपडेट किये लोकेशनकी नजीकके विस्तार के फ्रेन्ड्झकी अपडेट्स और अन्य जानकारी प्राप्त कर सकते है.

अभी गूगल+ में फेसबुककी बराबरी में क्यां माईनस है ?

Facebook page
बिझनेसमेन और सेलिब्रिटीझ के लिए फेसबुक फेन पेज खूब ही उपयोगी साबित हुआ है. जबकि फेसबुक पेज सर्च रिझल्टमें भी प्रथम जाने के कारण व्यापारिक व्यक्तिओ के लिए आशीर्वादरूप है. जबकि यह सेवा अभी गूगलमें नहीं दिखती है परंतु प्राप्त समाचार अनुसार बहुत जल्दी गूगल भीबिझनेस प्रोफाईल के नामसे इस प्रकारकी सेवा चालु करेगा.

Facebook Games
कोई भी सोशियल नेटर्विंकग साईट गेम्स विना अधूरी ही लगे. कारणकी गेम्स ऐसी वस्तु है जो आपको फ्री टाईममें मनोरंजित करता है. वैसे भी फेसबुकममें गेम्स विभाग उसके प्रसंनसको में सबसे लोकप्रिय विभाग है जिससे गूगल भी गेम्स तो लाएगा ही.

Private Messaging
फेसबुकमें ग्रुप चेटिंगकी साथ साथ प्राईवेट चेटिंगका सबसे अधिक उपयोग होता है जो की गूगल प्लसमें अभी तक कही भी दीखता नहीं है. गूगल टोकममें चेटिंग कर शकते है परंतु गूगल प्लसके फ्रेन्ड्झ और जीमेलके फ्रेन्ड्झ दोनों गूगल टोकमें दिखने से थोडा अलग अनुभव होता है .


फेसबुकको गूगल+ से सबसे बड़ा कोनसा डर रहेगा?
गूगल प्लससे फेसबुकको अपनी सबसे बड़ी मिलकत छिनने का डर रहेगा. यानि की फेसबुक डेवलोपर्स, कारणकी डेवलोपर्स द्वारा ही बनी फेसबुककी बहुत सी ऐसी एप्लिकेशन और गेम्स है जिसने फेसबुकको अभिक लोकप्रिय बनाया है. वैसे तो गूगल प्लसमें अभी तक डेवलोपर्स के लिए प्लेटफोर्म नहीं दिया गया है परंतु गूगल के लिए यह कोई मुश्किल कार्य नहीं है कारणकी उसका गूगल लेब्ससेक्शन इस प्रकार का कार्य करता ही है जिसे मात्र यहाँ जोड़ना ही रहेगा.

7 comments:

पत्रकार-अख्तर खान "अकेला" ने कहा…

bhtrin jankari ke liyen shukriya ..akhtar khan akela kota rajsthan

vidhya ने कहा…

bahut aacha jankari de hai aap ne

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल शुक्रवार के चर्चा मंच पर भी की गई है!
यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो
चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

blogtaknik ने कहा…

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंकजी इस प्रविष्टी की चर्चा, चर्चा मंच पर करने के लिए धन्यवाद पर मुझे इस लेख से सम्बंधित कोई जानकारी चर्चा मंच पर नहीं दिख रही है.

Ramkesh patel ने कहा…

बढिया जानकारी

Kisan Patel ने कहा…

प्लीज मुझे गूगल + में आमंत्रित करे
pka246@gmail.com

V K RAI, Social Activist ने कहा…

NGO ko Lokpal Bill me lane ke liye koi aapatti nahi honi chahiye. Sari NGO bharst hain Ya sare NGO paisa lete hain yeh kahna uchit nahi hai. NGO Namkaran to bahut der se hua par Swaichhik Karya Rishiyon ki Parmpara rahi hai jo aaj bhi kamo besh jinda hai.Swaichhik parampara ko dishvihin karne me Beureocracy ka vishesh yogdaan hai jike dwara Society Registration aur Anudaan ka rasta banaya gaya. NGO ke paas dhan Hawa me Udkar nahi aata balki Sarkar ke system se aata hai. Agar vyavstha ka sanchalak garbari na kare to Panchayaten, NGOs, Mandals kaise garbad ho sakte hain. Mitron samaj ki Bisangatiyon ko theek karne ke liye jo chinta hai wo yeh hai ki Lokpal ko theek rakhne ke liye kya dhacha ho.
Yeh samvad ya vaicharik aadan pradan hota rahe aisee apeksha hai. V K RAI

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